परियोजनाएं


अ] पूर्ण परियोजनाए:
परियोजना 1 :  हिमाचल प्रदेश के विभिन्न कृषि जलवायु क्षेत्रों में कृषि वानिकी के लिए पोलोनिया प्रजातियों की शुरुआत एवं प्रदर्शन परीक्षण।

परियोजना 2 :  हिमाचल प्रदेश के मध्य और उच्च पहाड़ियों में मौजूदा कृषि वानिकी प्रणालियों का नै‍दानिक सर्वेक्षण एवं मूल्यांकन |

परियोजना 3 :  हिमाचल प्रदेश में स्थानीय और संस्थागत सहभागी वन प्रबंधन का नैदानिक अध्ययन |

परियोजना 4:  हिमाचल प्रदेश में हमीरपुर जिला के विशेष सन्दर्भ में मिट्टी की उर्वरता स्थिति और महत्वपूर्ण स्थानीय कृषि वानिकी वृक्ष प्रजातियों से पोषक-तत्व वापसी का मूल्यांकन |

परियोजना 5 :  हिमाचल प्रदेश और जम्मू एवं कश्मीर की निचले क्षेत्रों में कृषि-वानिकी के लिए गम्हार प्रजाति की शुरुआत और प्रदर्शन परीक्षण |

परियोजना 6 :  स्थाई आय के लिए ग्रामीण समुदायों के मध्य औषधीय पौधों की खेती को बढ़ावा देना |

परियोजना 7 :  अनुसन्धान परियोजना, “भारत की वन मिटटी विशेषतय हिमाचल प्रदेश और जम्मू-कश्मीर के वन प्रकार में मिट्टी कार्बन भण्डार व गतिशीलता के मूल्यांकन का अध्ययन” |

परियोजना 8 :  लाहौल घाटी में विलो मृतयरता को रोकने के लिए पारिस्थितिकीय रूप से व्यवहारय और सामाजिक व आर्थिक रूप से स्वीकार्य एकीकृत मॉडल का विकास ।

परियोजना 9 :  शीत मरूस्थल की 05 प्रमुख देशीय प्रजातियों (कोलुटिया नेप्लेन्सिस, काराग्ना जिरारडियाना, राएब्स ओरिएणटेल, एलिगनुस अन्गस्तिफोलिया, क्रेटेग्स सोन्गेरिका, हिप्पोफी रम्नोयाडिस, रोजा वेबिआना) की पौधशाला तकनीकों का मानकीकरण ।

परियोजना 10 :  हेमीस नेशनल पार्क लद्दाख, जम्मू एवं कश्मीर में पुष्पीय विविधता का पारिस्थितीकीय आंकलन

परियोजना 11 :  आर्थिक रूप से महत्वपूर्ण पहाड़ी बांस की ऊत्कृष्ट प्रजातियों का पारिस्थितीकीय आंकलन] एकत्रण] गुणन] ऊत्कृष्ट जीनोटाईप क्लोनल बैक की स्थापना ।

परियोजना 12 :  हिमाचल प्रदेश के जिला चम्बा के कालाटोप खजियार वन्य जीव अभ्यारण में पौध विविधता का पारिस्थितिकीय आंकलन ।

Project 13 :  हिमाचल प्रदेश के जिला बिलासपुर में कोल-डैम जल विद्युत परियोजना के अन्तर्गत आने वाले वन क्षेत्रों का पारिस्थितिकीय आंकलन ।

परियोजना 14 :  हिमाचल प्रदेश के जिला किन्नौर के शीत मरूस्थल की पौध विविधता का अध्ययन ।

परियोजना 15 :  हिमाचल प्रदेश के जिला किन्नौर में रकच्छम छितुकल वन्य अभ्यरण्य में पौध विविधता का अध्ययन ।

परियोजना 16 :  हिमाचल प्रदेश के जिला किन्नौर के शीत मरूस्थल की पौध विविधता का अध्ययन ।

परियोजना 17 :  प्रदेश के औषधीय पौधों के महत्वपूर्ण कीटों का सर्वेक्षण, जीव विज्ञान एवं नियन्त्रण ।

परियोजना 18 :  चिलगोजा पाइनस जीरारडियाना वाल. के शंकु एवं बीजों को नुक्सान पहुंचाने वाले कीटों एवं रोगजनकों का अध्ययन |

परियोजना 19 :  हिमाचल प्रदेश के विभिन्न शंकुधारी वनों में नोकटयूडीड मोथस (लेपीडोपटेरा: नोकटयूइडी) का वर्गीकरण, जैव-विविधता एवं वास स्थान का अध्ययन |

परियोजना 20 :  हिमाचल प्रदेश के सम शीतोष्ण क्षेत्रों में व्यवसायिक रूप से महत्वपूर्ण औषधीय पौधों को बागवानी के साथ अंतर-फसल के रूप में मॉडल तैयार करना |

परियोजना 21 :  सतत आय सृजन के लिए ग्रामीण समुदायों के बीच औषधीय पौधों की खेती को बढ़ावा देना |

परियोजना 22 :  हिमाचल प्रदेश व जम्मू और कश्मीर (लद्दाख घाटी) से पोडोफाइलम के उच्च गुणवत्ता वाले पौधों की पहचान व नर्सरी में इनका फील्ड जीन बैंक स्थापित करना |

परियोजना 23 :  उत्तरी पश्चिमी हिमालय, हिमाचल प्रदेश और उ्राखंडद्ध में पीकारोराइजा करूआ तथा वलेरीआना जटामांसी के प्राकृतिक वास से उच्च गुणव्त्ता वाले पौधों की पहचान करना

परियोजना 24 :  हिमाचल प्रदेश में पाइनस जिआरडिआना (चिलगोजा) के प्राकृतिक रूप से पुर्नजनन का अध्ययन |

परियोजना 25 :  हिमाचल प्रदेश में विभिन्न क्षेत्रों में उपस्थित बरबेरिस एरिस्टेटा की संख्या, बरबेरिन की मात्रा का आंकलन व प्रर्वधन विधि का मानकीकरण करना |

परियोजना 26 :  हिमाचल प्रदेश के कुल्लू घाटी में विभिन्न देव वन क्षेत्रों में पादप विभिन्नता व् स्थान अनुसार संरक्षण के लिए व्यस्थापन निति का दस्तावेज तैयार करना

परियोजना 27 :  हिमाचल प्रदेश के किन्नौर जिले के मुख्य पसंदीदा जंगली खाद्या पौधों के पोषण की स्थिति का आंकलन करना |

परियोजना 28 :  हिमाचल प्रदेश में पीकरोराइजा करूआ (कडू) तथा वलेरीआना जटामांसी- (निहानी) की इष्टतम:फसल दोहन सीमा का आंकलन करना |

परियोजना 29 :  मुश्कबाला एवं कडु की अच्छी गुणवत्ता वाली पौध रोपण सामग्री तैयार करना तथा स्थानीय समुदाय में कृषिकरण तकनीकों का विस्तार करना |

परियोजना 30 :  अतीस एवं चैरा की उच्च गुणवता वाली पौध रोपण सामग्री उत्पादन एवं उनकी कृषिकरण तकनीक का स्थानीय समुदाय में विस्तार करना

परियोजना 31 :  हि0प्र0 के निम्न एवं मध्य हिमालयी क्षेत्रों मे जट्रोफा बीज स्त्रोतों की उपयुक्ता ।

परियोजना 32 :  हिमाचल प्रदेश में जट्रोफा के श्रेष्ठ स्त्रोतों का माइक्रो मिशन प्रोग्राम के तहत क्षेत्र मूल्यांकन करना ।

परियोजना 33 :  बांस का हि0प्र0 में 100 हैक्टेयर का प्रदर्शन क्षेत्र तैयार करना तथा इसकी श्रेष्ठ पौध रोपण सामाग्री तैयार करना |

परियोजना 34 :  डी.एन. ए. आधारित मार्कर के द्वारा देवदार अनुंवाशिक आबादी का आकलन एवं गुणविवरण |

परियोजना 35 :  देवदार में पौध रोपण स्टॉक सुधार कार्यक्रम |

परियोजना 36 :  देवदार की प्राकृतिक आबादी का एलोजाइम वेरीएशन |

परियोजना 37 :  देवदार एवं बान ओक के नर्सरी स्टॉक की रूपात्मक एवं शारीरिक गुणवत्ता परिमाप का निर्धारण |

परियोजना 38 :  विभिन्न पारिस्थितिक जलवायु क्षेत्रों में स्थानीय स्तर पर उपलब्ध कच्चे माल से तैयार कम्पोस्ट के उन्नत तरीकों का विकास करना |

परियोजना 39 :  देवदार के बड़े पौधों की तकनीक विकसित करना |

परियोजना 40 :  शीशम के श्रेष्ठ क्लोन के चयन द्वारा उत्पाद वृद्धि |

परियोजना 41 :  जुनिपर और फ्रेक्सिनस के बीज एकत्रण बीज रख-रखाव, बीज सुशुप्तावस्था के तरीकों का मानकीकरण |

परियोजना 42 :  हि0प्र0 की महत्वपूर्ण वृक्ष प्रजातियों के बीज एकत्रण, रख.रखाव, भण्डारण, परीक्षण तथा बीज प्रमाणीकरण के तरीकों का मानकीकरण |

परियोजना 43 :  औषधीय पौधों की प्रजातियों मास प्रोपेगेशन करने के लिए नर्सरी तकनीक का मानकीकरण |  
परियोजना 44ईक्टरोपिस देओदार प्रौट. लेपिडॉप्टेरा:जियोमैट्रीडी पश्चिमी हिमालय के देवदार का एक रोगजनित कीट का जीव पारिस्थिति विज्ञान का अध्ययन 
परियोजना 45देवदार के संदर्भ में आदर्श एकीकृत कीट प्रबंधन का विकास |
परियोजना 46महत्वपूर्ण वृक्ष प्रजातियों (देवदार, चीड, एवं शीशम) के कीट प्रतिरोधी जीनोटाईप एवं फेनोटाईप की जांच करना एवं उनका चयन करना |

 

परियोजना 47हिमाचल प्रदेश के औषधीय पौधों के महत्वपूर्ण कीटों का सर्वेक्षण, जीव विज्ञान एवं नियन्त्रण esh.   
परियोजना 48हिमाचल प्रदेश के जिला किन्नौर के शीत मरूस्थल की पौध विविधता का अध्ययन ।
परियोजना 49चिलगोजा पाइनस जीरारडियाना वाल. के शंकु एवं बीजों को नुक्सान पहुंचाने वाले कीटों एवं रोगजनकों का अध्ययन |    

परियोजना 50चिलगोजा पाइनस जीरारडियाना वाल. के भण्डारित किये गये बीजों में कीटों एवं रोगजनकों का प्रबंधन.

परियोजना 51शीशम डलबरजिया सीसो के बेहतर क्लोन के चयन के माध्यम से उत्पादकता वृद्धि |

परियोजना 52हिमाचल प्रदेश में पीटायोजीनस स्काईटस ब्लेनफोर्ड (कोलीपटेरा: स्कोलीटीडी) की जीव परिस्थिती पर जलवायु के प्रभाव का अध्ययन |

परियोजना 53शुक्पा जुनीपेरस पोलीकारपोस (कोच) के बीजों के कीटों का जीव अध्ययन और प्रबंधन एवं तीन वर्षों के लिये पौधशाला में कीटों की प्रतिरोधक क्षमता का मूल्यांकन

परियोजना 54हिमाचल प्रदेश के विभिन्न शंकुधारी वनों में नोकटयूडीड मोथस (लेपीडोपटेरा: नोकटयूइडी) का वर्गीकरण, जैव-विविधता एवं वास स्थान का अध्ययन

परियोजना 55भारतीय हिमालय के शीत मरूस्थलों (स्पीति एवं लेह) के पतंगों का वर्गीकरण एवं आण्विक विश्लेशण | .

परियोजना 56हिमाचल प्रदेश के शिमला वन वत के अन्तर्गत विभिन्न फारेस्ट टाइप में उपलब्ध कार्बन स्टाक का आंकलन ।

ब] चालू परियोजनाएं :

परियोजना 1 : हिमाचल प्रदेश के जिला मण्डी के शिकारी देवी वन्य जीव अभयारण्य में पादप विविधता का अध्ययन एवं उनका दीर्घअवधीय पारिस्थिकीय अनुश्रवण ।

परियोजना  2 : जिला शिमला जल अधिग्रहण अभयारण्य में पौध विविधता का पारिस्थितिकीय आंकलन व प्राथमिकता आधार पर संरक्षण कार्यनीतिओं का विकास |  


परियोजना  3 :  शुक्पा जुनीपेरस पोलीकारपोस (कोच) के बीजों के कीटों का जीव अध्ययन और प्रबंधन एवं तीन वर्षों के लिये पौधशाला में कीटों की प्रतिरोधक क्षमता का मूल्यांकन

परियोजना& nbsp;4 :  भारतीय हिमालय के शीत मरूस्थलों) स्पीति एवं लेह( के पतंगों का वर्गीकरण एवं आण्विक विश्लेशण |

परियोजना  5 :  थाइसेनोप्लूसिया ओरची चेलसिया (पी.) (लेपीडोपटेरा: नोकटयूइडी) का जैविक नियन्त्रण | उत्तरी- पश्चिमी हिमालय में कुठ के संभावित कीट तथा स्थानीय समुदाय में संरक्षण प्रोद्योगिकी का विस्तार |

परियोजना  6 :  हिमाचल प्रदेश के पश्चिमी हिमालय के उप-अल्पाईन वनों में विभिन्न पारिस्थितिकीय तंत्र में ऊँचाई के अनुसार तितलियों के वितरण का स्वरूप का एवं उनके खाद्य पौधों के संसाधनों का अध्ययन करना |

परियोजना  7 :  हिमाचल प्रदेश के उच्च उॅंचाई वाले क्षेत्रो में ग्लोबल वार्मिंग का प्रभाव व क्षेत्र के पुर्नवास के लिए कार्य का दीर्घकालीन अध्ययन |

परियोजना  8 :  हिमालय शीतोष्ण वृक्ष-वाटिका की पोर्टर हिल्स शिमला (हि0प्र0) में स्थापना |

परियोजना  9 :  National Medicinal Plants Board (NMPB) conservation project.

परियोजना 10 :  राष्ट्रीय औषधीय पादप बोर्ड (एन.एम.पी.बी.) संरक्षण परियोजना |

परियोजना 11 :  औषधीय पौधों की केंद्र प्रायोजित योजना के अन्तरगत क्षत्रिय अनुसंधान केंद्र ब्रुन्धार, जगतसुख, मनाली कुल्लू, हिमाचल प्रदेश में नर्सरी की स्थापना करना |

परियोजना 12 :  हिमाचल हिमालय की मध्य पहाडी परिस्थितियों में काफल एवं च्यूरा की नर्सरी एवं प्रांरभिक पौधरोपण व्यवहार का पता लगाना |

परियोजना 13 :  चिलगोजा की प्राकृतिक आबादी का आइसोजाईम वेरिएशन |

परियोजना 14 :  तालीस पत्र की बीज अंकुरता एवं दीर्घ जीवन क्षमता पर अध्ययन |

परियोजना 15 :  हिमालयन बान ओक की आबादी का अनुवांशिक आकलन तथा अनुवांशिक संरक्षण प्रासंगिकता |

परियोजना 16 :  शंकुधारी वृक्षों में DUS के लिए अनोखे गुणों का चयन |

परियोजना 17 :  जट्रोफा के बीज में उच्च तेल मात्रा के लिए जीन मार्कर विकास एवं जट्रोफा में उच्च बीज मात्रा प्राप्त करने हेतु मादा फूल विकास के लिए मॉलिक्यूलर आधार पर अनुवांशिक सुधार करना |

परियोजना 18:  अतीस एवं चैरा की उच्च गुणवता वाली पौध रोपण सामग्री उत्पादन एवं उनकी कृषिकरण तकनीक का स्थानीय समुदाय में विस्तार करना |

परियोजना 19:  आदर्श गांव लानाबाका जिला सिरमौर, हि0प्र0 में वैज्ञानिक हस्तक्षेप द्वारा प्राकृतिक संसाधनों के पुन$रूत्थान, स्वच्छता एवं स्वास्थ्य के संदर्भ में जागरूक करना |
 
परियोजना 20हिमाचल प्रदेश उच्च पर्वतीय क्षेत्रों (हाई ट्रांजीशीनल ज़ोन) के वनों के बदलते हुए कीटों का अध्ययन एवं प्रबन्धन
परियोजना 21 थाइसेनोप्लूसिया ओरची चेलसिया (पी.) (लेपीडोपटेरा: नोकटयूइडी) का जैविक नियन्त्रण | उत्तरी- पश्चिमी हिमालय में कुठ के संभावित कीट तथा स्थानीय समुदाय में संरक्षण प्रोद्योगिकी का विस्तार |
परियोजना 22 जम्मू क्षेत्र के चीड वनों में नोकटयूड मोथ्स (लेपीडोपटेरा: नोकटयूइडी) की जैव-विविधता, वास-स्थान व जीआईएस मेप्पिंग का अध्ययन |
परियोजना 23 हिमाचल प्रदेश के पश्चिमी हिमालय के उप-अल्पाईन वनों में विभिन्न पारिस्थितिकीय तंत्र में ऊँचाई के अनुसार तितलियों के वितरण का स्वरूप का एवं उनके खाद्य पौधों के संसाधनों का अध्ययन करना |
परियोजना 24 चिलगोजा पाइनस जीरारडियाना वाल. का माइकोरहीजल प्रौद्योगिकी के द्वारा संरक्षण |
परियोजना 25 शिमला वन क्षेत्र के अन्तर्गत चोपाल वन प्रभाग प्रभाग में स्थानीय लोगों द्वारा इस्तेमाल किये जा रहे स्वदेशी व सुगन्धित पौधों का अध्ययन करना |
परियोजना 26 बेरबेरिस अरिस्टेटा के कवकरोधी व रासायनिक गुणों का मूल्यांकन करना (रसायन विभाग देहरादून के सहयोग से) |
परियोजना 27 हिमाचल प्रदेश में वन एवं चारागाह प्रणालियों का सर्वेक्षण और मूल्यांकन तथा समुदाय आजीविका बनाए रखने में इनकी भूमिका |
परियोजना 28 मूरंग वन परिक्षेत्र जिला किन्नौर, हिमाचल प्रदेश में वैज्ञानिक हस्तक्षेप के माध्यम से चिलगोजा के सरंक्षण के लिए जागरूकता प्रशिक्षण परियोजना |
 

नवीन जानकारी


हिमालयन वन अनुसंधान संस्थान,  शिमला द्वारा आयोजित  अतीस, बन ककड़ी, चोरा और अन्य महत्वपूर्ण समशीतोष्ण औषधीय पौधों की खेती पर  दिनांक  22 अगस्त, 2017 को  भदरवाहजम्मू में  एक दिन  के प्रशिक्षण की  रिपोर्ट।     31.08.2017


हिमालयन वन अनुसंधान संस्थान, शिमला द्वारा दिनांक 11 अगस्त 2017 को संस्थान के हितधारकों की एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया ।  23.08.2017  


हिमालयन वन अनुसंधान संस्थान, शिमला  द्वारा  दिनांक 17.06.2017 को विश्व  मरु प्रसार रोक   दिवस   का आयोजन   23.06.2017  


हिमालयन वन अनुसंधान संस्थान,  शिमला में दिनांक 01.06.2017 से 15.06.2017 तक  स्वच्छता   पाखवाड़ा पर एक रिपोर्ट।    23.06.2017


हिंदी कार्यशाला का संगठन     19.06.2017


प्रशिक्षु वन गार्ड्स ऑफ वन प्रशिक्षण संस्थान और रेंजर कॉलेज, सुंदरनगर, हिमाचल प्रदेश की एचएफआरआई, शिमला यात्रा।     19.06.2017


05 जून 2017 को  हिमालयन  वन अनुसंधान संस्थान,  शिमला में विश्व पर्यावरण दिवस के उत्सव पर एक रिपोर्ट।     07.06.2017


इथियोपिया के उच्च स्तरीय प्रतिनिधिमंडल की एचएफआरआई, शिमला की यात्रा पर एक रिपोर्ट दिनांक 17 मार्च, 2017.


स्थानीय किसानों के लिए काफल का नर्सरी स्टॉक तैयार करने विषय पर हिमालयन वन अनुसंधान संस्थान, शिमला में प्रशिक्षण एवं प्रदर्शन कार्यक्रम का आयोजन दिनांक:27.2.2017.


हिमालयी वन वन संस्थान, शिमला में 20-21 फरवरी, 2017 को आयोजित "लनाबाका ग्राम, सिरमौर के किसानों के लिए प्राकृतिक रसीदों और जैविक खेती के स्थायी प्रबंधन के प्रति एकीकृत दृष्टिकोण" पर प्रशिक्षण कार्यक्रम पर एक रिपोर्ट .


“वानिकी में एकीकृत कीट. प्रबंधन एवं औषधीय पौधों के कीटों व बीमारियों का नियंत्रण “(16-18 फरवरी 2017) .


20 फरवरी, 2017 को एचएफआरआई, शिमला द्वारा आयोजित किसान मेला के उत्सव पर एक रिपोर्ट। .


एचएफआरआई शिमला में 12-18 फरवरी, 2017 तक राष्ट्रीय उत्पादकता सप्ताह - 2017 के उत्सव पर एक रिपोर्ट .



निदेशक का संदेश



डॉ. वी.पी. तिवारी, निदेशक, हिमालयन वन अनुसंधान संस्थान, शिमला का संबोधन:
हिमालयन वन अनुसंधान संस्थान (हि.व.अ.सं), शिमला की वेबसाइट पर आपका स्वागत करते हुए मुझे बहुत प्रसन्नता हो रही है संस्थान, हिमाचल प्रदेश एवं जम्मू-कश्मीर की वानिकी अनुसंधान आवश्यकताओं को संबोधित करता है संस्थान को परिषद द्वारा इन कठिन क्षेत्रों में पारिस्थितिक पुन: स्थापन में उच्च अनुसंधान हेतु शीत मरुस्थल पुन:स्थापन एवं चारागाह प्रबंधन उन्नत केंद्र का दर्जा दिया गया है  अधिक »

 

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