संस्थान का क्षेत्राधिकार


हिमालय वन अनुसंधान संस्थान, शिमला हिमाचल प्रदेश व जम्मू कश्मीर राज्यों की वानिकी अनुसंधान से संबंधित आवश्यकताओं की पूर्ति करता है । यह दोनों राज्य 30.22’40“ से 37.05’ उत्तरी अक्षांश तथा 73.26’ से 80.30’ पूर्वी दक्षांश के बीच पश्चिमी हिमालय में स्थित है। इस क्षेत्र की समुद्रतल से ऊँचाई 300 मीटर से 8000 मीटर के मध्य है तथा यह पंजाब के मैदानों के साथ शुरू होकर लादाख के द्रास हिमालय क्षेत्रों तक फ़ैला है । इन क्षेत्रों में वानस्पति यदपि समुद्र तल से लगभग 4500 मीटर की ऊँचाई जहां हिमरेखा है जहाँ स्थाई हिमरेखा है तक ही पाई जाती है। स्थायी हिम रेखा से उच्चतर उंचाईयों पर भी कभी-कभी वनस्पतियों की उपलब्धता दर्ज की गयी है । इस क्षेत्र का कुल भौगोलिक क्षेत्रफल 2,77,908 वर्ग कि.मी. (हिमाचल प्रदेश 55,673 वर्ग कि.मी. तथा जम्मू व् कश्मीर 2,22,235 वर्ग कि.मी.) है।

 

नवीन जानकारी


हिमालयन वन अनुसंधान संस्थान,  शिमला द्वारा आयोजित  अतीस, बन ककड़ी, चोरा और अन्य महत्वपूर्ण समशीतोष्ण औषधीय पौधों की खेती पर  दिनांक  22 अगस्त, 2017 को  भदरवाहजम्मू में  एक दिन  के प्रशिक्षण की  रिपोर्ट।     31.08.2017


हिमालयन वन अनुसंधान संस्थान, शिमला द्वारा दिनांक 11 अगस्त 2017 को संस्थान के हितधारकों की एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया ।  23.08.2017  


हिमालयन वन अनुसंधान संस्थान, शिमला  द्वारा  दिनांक 17.06.2017 को विश्व  मरु प्रसार रोक   दिवस   का आयोजन   23.06.2017  


हिमालयन वन अनुसंधान संस्थान,  शिमला में दिनांक 01.06.2017 से 15.06.2017 तक  स्वच्छता   पाखवाड़ा पर एक रिपोर्ट।    23.06.2017


हिंदी कार्यशाला का संगठन     19.06.2017


प्रशिक्षु वन गार्ड्स ऑफ वन प्रशिक्षण संस्थान और रेंजर कॉलेज, सुंदरनगर, हिमाचल प्रदेश की एचएफआरआई, शिमला यात्रा।     19.06.2017


05 जून 2017 को  हिमालयन  वन अनुसंधान संस्थान,  शिमला में विश्व पर्यावरण दिवस के उत्सव पर एक रिपोर्ट।     07.06.2017


इथियोपिया के उच्च स्तरीय प्रतिनिधिमंडल की एचएफआरआई, शिमला की यात्रा पर एक रिपोर्ट दिनांक 17 मार्च, 2017.


स्थानीय किसानों के लिए काफल का नर्सरी स्टॉक तैयार करने विषय पर हिमालयन वन अनुसंधान संस्थान, शिमला में प्रशिक्षण एवं प्रदर्शन कार्यक्रम का आयोजन दिनांक:27.2.2017.


हिमालयी वन वन संस्थान, शिमला में 20-21 फरवरी, 2017 को आयोजित "लनाबाका ग्राम, सिरमौर के किसानों के लिए प्राकृतिक रसीदों और जैविक खेती के स्थायी प्रबंधन के प्रति एकीकृत दृष्टिकोण" पर प्रशिक्षण कार्यक्रम पर एक रिपोर्ट .


“वानिकी में एकीकृत कीट. प्रबंधन एवं औषधीय पौधों के कीटों व बीमारियों का नियंत्रण “(16-18 फरवरी 2017) .


20 फरवरी, 2017 को एचएफआरआई, शिमला द्वारा आयोजित किसान मेला के उत्सव पर एक रिपोर्ट। .


एचएफआरआई शिमला में 12-18 फरवरी, 2017 तक राष्ट्रीय उत्पादकता सप्ताह - 2017 के उत्सव पर एक रिपोर्ट .



निदेशक का संदेश



डॉ. वी.पी. तिवारी, निदेशक, हिमालयन वन अनुसंधान संस्थान, शिमला का संबोधन:
हिमालयन वन अनुसंधान संस्थान (हि.व.अ.सं), शिमला की वेबसाइट पर आपका स्वागत करते हुए मुझे बहुत प्रसन्नता हो रही है संस्थान, हिमाचल प्रदेश एवं जम्मू-कश्मीर की वानिकी अनुसंधान आवश्यकताओं को संबोधित करता है संस्थान को परिषद द्वारा इन कठिन क्षेत्रों में पारिस्थितिक पुन: स्थापन में उच्च अनुसंधान हेतु शीत मरुस्थल पुन:स्थापन एवं चारागाह प्रबंधन उन्नत केंद्र का दर्जा दिया गया है  अधिक »

 

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